ये रूठे हुए लोग मुझसे मनाए नहीं जाते
बिन गुनाहों के सज़ा ए फरमान मुझसे माने नहीं जाते

वो ख़फ़ा हैं तो ख़फ़ा ही सही
उनकी नजर में मैं गलत हूँ तो गलत ही सही
अपनी सफाई में सबूत पेश किए नहीं जाते
ये रूठे हुए लोग मुझसे मनाए नहीं जाते

रूक जाओ न, मत जाओ छोड़ कर
ये मिन्नतें मुझसे की नहीं जाती
ये मतलबी नजदीकियाँ अब मुझसे सही नहीं जाती
यूँ मांग मांग के साथ अब मुझसे निभाए नहीं जाते
ये रूठे हुए लोग अब मुझसे मनाए नहीं जाते 

जज्बातों के खेल मुझसे खेले नहीं जाते
हाथ थाम कर फिर छोड़े नहीं जाते
बिना बात के बेवजह बेबुनियाद ही
रूठे हुए लोग मुझसे मनाए नहीं जाते